अध्याय 108 महापौर बेहोश हो गया

"क्या वो एक ऐसी गलती थी, जो करनी ही नहीं चाहिए थी?" रोज़ ने अपने-आप से फुसफुसाकर कहा।

अतीत की यादें एकदम से उसके ज़ेहन में उमड़ पड़ीं, और उसकी आँखों में दर्द की झलक काँप गई। वह अचानक पीछे सिमट गई।

"नहीं… मुझसे दूर रहो।" रोज़ ने सिर पकड़ लिया और सिकुड़कर गेंद की तरह हो गई।

फ्रैंक ने नहीं सोचा था क...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें